sponsor banner
sponsor
ads banner
sponsor banner
sponsor
ads banner
अन्य कहानियांबॉक्सिंग को ओलंपिक में शामिल नहीं करने से भारतीय युवाओं का नुकसान

बॉक्सिंग को ओलंपिक में शामिल नहीं करने से भारतीय युवाओं का नुकसान

बॉक्सिंग को लॉस एंजिल्स में 2028 ओलंपिक के लिए खेलों की प्रारंभिक सूची से बाहर करने के फैसले के बाद कई  महान मुक्केबाज ले इसे लेकर चिंता जताई है मुक्रॉकेबाजों का मानना है कि इस तरह के फैसले से दूनियां भर के युवा मुक्केबाजों का भविष्य खतरे में हैं।

इस फैसले को लेकर अमेरिका के मुक्केबाज रॉय जोन्स जूनियर को लगता है कि इस तर मुक्केबाजी के ओलंपिक से बाहर कर देना युवाओं को उनके लक्ष्य से भ्रमित कर देना हैं।

ये भी पढ़ें- Gold मेडल जीतकर मुक्केबाज ने नम आँखों से गुरु को दी श्रद्धांजलि

बॉक्सिंग को फिर से शामिल करने का आग्रह  

भारत जैसे देशों को इस खेल में एक नया सितारा खोजने की उम्मीद खो जाएगी क्योंकि ओलंपिक को लेकर चाह रखने वाले मुक्केबाजों के पास अब ध्यान और दिशा नहीं होगी।

अपने समय के सबसे सफल मुक्केबाजों में से एक, जोन्स ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाख और आईओसी कार्यकारी समिति से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

ओलंपिक रजत पदक विजेता रॉय जोन्स जूनियर ने कहा कि मुक्केबाजी को शामिल ना करना एक अपराध के समान होगा।

जोन्स का मानना है कि आज बड़ी संख्या में युवा वर्ग इस फैसले के बात से अपना ध्यान खो देंगे ओलंपिक में खेलकर देश के लिए पदक लाने का सपना टूट जाएगा और वो भटक जाएंगें।

ये भी पढ़ें- Gold मेडल जीतकर मुक्केबाज ने नम आँखों से गुरु को दी श्रद्धांजलि

भारत पर बात करते हुए रॉय ने कहा

ओलंपिक से बॉक्सिंग को हटा देनें पर इसका भारतीय मुक्केबाजों पर क्या प्रभाव पड़ेगा के सवाल पर रॉय ने कहा

मुक्केबाजी में भारत उभरता हुआ देश है और भारत में ओलंपिक खेलों में खेलना और जीतना भारतीय मुक्केबाजों के लिए गर्व का पल होता है.

छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम, बीजिंग खेलों के कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह और अमित पंघाल ने भारतीय मुक्केबाजी को एक महान ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

इनकी प्रेरणादायक जीवनी भारत में मुक्केबाजों के हौसलों को बढ़ाने में मदद कर रहा है और इस तरह से खेल को ओलंपिक से बाहर कर देना यह भारतीय युवाओं को पिछे धकेलने जैसा होगा।

दुनियां भर में मुक्केबाजी को लेकर स्थिति ठीक नहीं है क्योंकि IOC अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) को प्रशासन को लेकर कई चेतावनी जारी करता रहा है. पिछले महीने आईओसी ने कहा था कि आईबीए के अपने नए राष्ट्रपति चुनाव करावे को लेकर चिंता जताई थी।

#STANDFORBOXING अभियान

इस फैसले को लेकर जोन्स ने ओलंपिक रोस्टर में मुक्केबाजी को बनाए रखने के लिए #STANDFORBOXING अभियान शुरू किया है.

जोन्स ने कहा ओलंपिक मेरे युवा जीवन में मेरा पहला वास्तविक लक्ष्य था, और अब मैं मुक्केबाजी के लिए खड़ा नहीं हुआ तो यह मेरा लिए गलत होगा।

ये भी पढ़ें- Gold मेडल जीतकर मुक्केबाज ने नम आँखों से गुरु को दी श्रद्धांजलि

Dheeraj Roy
Dheeraj Royhttps://boxingpulse.net/
मैं शहर का नया बॉक्सिंग पत्रकार हूं। सभी चीजों-मुक्केबाजी पर अंतर्दृष्टिपूर्ण, रोशनी वाली रिपोर्टिंग की अपेक्षा करें।
संबंधित लेख

सबसे अधिक लोकप्रिय